मेरे अपने घर के भी सौ दर्द— मेरी राह देखते हैं।
सोचू तो बिखर जाऊं, ना सोचूं तो किधर जाऊं…!
ये दुनिया आँसू देखकर भी तमाशा ढूँढती है।
“कभी खुद से भी इतना बेगाना हुआ है तू?” ️
इस शहर में जीने के अंदाज़ भी क्या निराले हैं,
चाहकर भी उनसे नाता तोड़ा नहीं जा सकता।
आँसू को बहुत समझाया कि तन्हाई में आया करो,
तुमसे बिछड़कर अब किसी से मोहब्बत नहीं होती,
दुखी मन के लिए दो लाइन की शायरी वह होती है जो कम शब्दों में गहरा दर्द बयां करे।
क्योंकि उसे गुरुर Sad Shayari in Hindi होता है, की उसे चाहने वाले बहुत हैं…!
अब मैं उन्हें खुश भी न देखूं तो प्यार कैसा।
हम भी अब खुद को छोड़कर किसी को पसंद नहीं करते।
ज़िंदगी के दर्द को मुस्कान में छिपा गए हैं।
तेरे दिल में तो पहले ही कोई जगह नहीं होगी।